सऊदी अरब और तुर्किये के साथ पाकिस्तान का रक्षा समझौता उसके लिए गले की हड्डी बन गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एयर बेस और तेल ठिकानों पर हमले किए हैं, लेकिन समझौते के तहत सैन्य मदद की बाध्यता के बावजूद पाकिस्तान और तुर्किये दोनों चुप हैं। पाकिस्तान के भीतर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस समझौते से वह फंस गया है।
सऊदी-तुर्किये रक्षा समझौता पाकिस्तान के लिए मुश्किल
Source: Lokmat Hindi