सूचना की अधिकता के बावजूद लोगों की समझ सिकुड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री अक्सर सत्य की गारंटी नहीं होती, जिससे भ्रम और ध्रुवीकरण बढ़ता है। ऐसे में पत्रकारिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह तथ्यों की पड़ताल कर संदर्भ के साथ खबर दें। पाठकों को भी तत्काल प्रतिक्रिया से बचकर स्रोत जांचने की जरूरत है।
सूचना की बाढ़ में सिकुड़ती समझ, पत्रकारिता की बढ़ी जिम्मेदारी
Source: Dainik Tribune Hindi