आईआईटी मद्रास की स्टडी के मुताबिक, डिजिटल रूप से साक्षर और पढ़े-लिखे लोग भी साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं। ठग तकनीकी कमजोरी के बजाय डर, तनाव और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। पीड़ितों में आईटी प्रोफेशनल, बैंकर, डॉक्टर और साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेट होल्डर शामिल थे। नुकसान कुछ हजार से एक करोड़ रुपये से अधिक तक हुआ। शोधकर्ताओं ने केवल डिजिटल साक्षरता के बजाय मजबूत बैंकिंग और कानून व्यवस्था पर जोर दिया।
पढ़े-लिखे लोग भी साइबर ठगी के शिकार: आईआईटी मद्रास
Source: TV9 Bharatvarsh