पितृ पक्ष के दौरान गया जी और बोधगया क्षेत्र की प्राचीन पिंड वेदियों में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं। इनमें मातंगी वेदी का विशेष स्थान है, जिसे रामायण काल से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यहां तर्पण से दोष और क्लेश दूर होते हैं तथा पितरों को शांति मिलती है। गरुड़ पुराण में भी मातंग वापी में श्राद्ध का महत्व बताया गया है।
पितृ पक्ष में मातंगी वेदी का महत्व, रामायण काल से जुड़ी मान्यता
Source: Prabhat Khabar