आज शारदा सिन्हा की जयंती पर उनके संघर्ष भरे सफर को याद किया जा रहा है। ससुराल के विरोध के बावजूद पति ब्रजकिशोर सिन्हा के सहयोग से उन्होंने संगीत जारी रखा। 19 साल की उम्र में बेगम अख्तर के सामने ऑडिशन देने वाली सिन्हा ने 1500 से ज्यादा गीत गाए। 'कहे तोसे सजना' के लिए मिले 76 रुपये से शुरू हुआ सफर उन्हें छठ और विदाई गीतों की सबसे पहचानी आवाज बना गया।
शारदा सिन्हा की जयंती: 76 रुपये से छठ की पहचान तक का सफर
Source: Prabhat Khabar