वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, सैलरी बढ़ने पर लोग अक्सर 'लाइफस्टाइल इंफ्लेशन' का शिकार हो जाते हैं, जिससे बचत और निवेश प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञ जितेंद्र सोलंकी का कहना है कि बढ़ी हुई आय का कुछ हिस्सा लाइफस्टाइल सुधारने में और बड़ा हिस्सा बचत व निवेश में लगाना चाहिए। 50-30-20 नियम अपनाकर संतुलित वित्तीय योजना बनाई जा सकती है।
सैलरी बढ़ने पर खर्च नहीं, बचत और निवेश पर दें ध्यान
Source: Dainik Bhaskar