सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले मतदान अधिकार से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता। हैदराबाद के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों को वोट से वंचित करना 'शरीर से आत्मा निकालने' जैसा है। यह टिप्पणी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के बीच आई है।
जस्टिस भुइयां: मतदान अधिकार छीनना संविधान का उल्लंघन
Source: BBC Hindi