स्लोवेनिया का ट्रिग्लाव ग्लेशियर तेजी से पिघल रहा है और वैज्ञानिकों के मुताबिक बची हुई बर्फ भी कुछ ही दिनों में गायब हो सकती है। 1946 में करीब 14 हेक्टेयर में फैला यह ग्लेशियर अब अपना सामान्य स्वरूप खो चुका है। कम बर्फबारी और जल्दी पिघलने से संकट बढ़ा है। इसका असर द्रावा और मुरा नदी घाटियों में सिंचाई पर पड़ सकता है।
स्लोवेनिया का आखिरी ग्लेशियर खत्म होने की कगार पर
Source: Patrika Hindi