शिवसेना के चुनाव चिन्ह और विधायकों की अयोग्यता मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए पार्टी में वास्तविक बहुमत तय करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने पूछा कि क्या संगठनात्मक ढांचे के आधार पर जमीनी समर्थन साबित किया जा सकता है। नीरज किशन कौल ने सुभाष देसाई मामले का हवाला देते हुए अयोग्यता का फैसला विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में बताया। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत तय करने पर सवाल उठाए
Source: Patrika Hindi