नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सब्जी मंडी में धनिया बेचा और 15 साल की मेहनत के बाद 2012 में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि मां की सीख '12 साल में कचरे का दिन भी बदलता है' ने उन्हें हिम्मत दी। आज वे 27 साल से अधिक के करियर और राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ सफलता की मिसाल हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के संघर्ष की प्रेरक कहानी
Source: Navbharat Times