पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव हमीम मंडल ने जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में पुलिस वर्दी पहनकर घुसपैठ और तोड़फोड़ की साजिश रची। आंदोलनों में असामाजिक तत्व घुसकर हिंसा भड़काते हैं, जिससे आंदोलन अपने उद्देश्य से भटक जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 22 साल जेल काट चुके निर्दोष व्यक्ति को बरी किया, लेकिन तब तक उसका परिवार खत्म हो चुका था।
खोटे सिक्कों की कीमत खरे सिक्के चुकाते हैं
Source: Lokmat Hindi