स्कॉलरशिप से HCL तक: शिव नादर की अनोखी यात्रा

स्कॉलरशिप से HCL तक: शिव नादर की अनोखी यात्रा

शिव नादर ने 22 की उम्र में पहली बार शहर देखा और स्कॉलरशिप के सहारे इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 1970 के दशक में उन्होंने नौकरी छोड़कर साथियों के साथ मिलकर मात्र 1.8 लाख रुपये से दिल्ली के एक छोटे कमरे से HCL की शुरुआत की। शुरुआत में कैलकुलेटर बेचकर पैसा जुटाया गया और बाद में IIT खड़गपुर व IIT मद्रास जैसे संस्थानों को पहला कंप्यूटर बेचा गया।

Source: Prabhat Khabar

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