1970 की फिल्म 'मन की आंखें' का गीत 'दिल कहे रुक जा रे रुक जा' आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसा है। मोहम्मद रफी की आवाज, धर्मेंद्र और वहीदा रहमान की जोड़ी तथा लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत इसे यादगार बनाता है। झील और पहाड़ों के बीच फिल्माया यह गीत 56 साल बाद भी पुरानी और नई पीढ़ी दोनों को पसंद है।
56 साल बाद भी सदाबहार है 'दिल कहे रुक जा रे रुक जा'
Source: NDTV India