हिंदी शब्द-शृंखला में आज का शब्द है सम्पात, जिसका अर्थ है भिड़ंत, संपर्क, संगम और प्रवेश। महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' ने अपनी कविता 'प्रेयसी' में इस शब्द का प्रयोग किया है। कविता की पंक्ति 'शिशिर ज्यों पत्र पर कनक-प्रभात के, किरण-सम्पात से' में यह शब्द प्रकृति और प्रेम के भाव को सघन बनाता है।
आज का शब्द: सम्पात और निराला की कविता 'प्रेयसी'
Source: Amar Ujala