भावुक फिल्मों पर आंसू आना कमजोरी नहीं, शोध में दावा

भावुक फिल्मों पर आंसू आना कमजोरी नहीं, शोध में दावा

यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रोनिंगन के शोध के अनुसार, भावुक फिल्में देखकर आंसू आना कमजोरी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सहानुभूति का संकेत है। मनोवैज्ञानिक डॉ. टीएस जयसूर्या के मुताबिक, मस्तिष्क का लिम्बिक सिस्टम और एमिग्डाला भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। रोने से कुछ लोगों को राहत मिलती है, हालांकि यह अनुभव हर व्यक्ति में अलग होता है।

Source: Prabhat Khabar

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