हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में निर्माताओं का मानना है कि फ़िल्म बनाना पहले से कहीं ज़्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। बढ़ते बजट, मार्केटिंग लागत और ओटीटी जैसे विकल्पों के कारण दर्शकों को सिनेमाघर तक लाना मुश्किल हो रहा है। एक्सेल एंटरटेनमेंट के विशाल रामचंदानी ने ओटीटी से थियेटर दर्शक छिनने की धारणा को गलत बताया।
फ़िल्म निर्माण में बढ़ी चुनौतियां, ओटीटी से बदला बाज़ार
Source: BBC Hindi