दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती हवा पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने तंज कसते हुए कहा कि लोग इस मौसम का आनंद ले रहे होंगे। एमिकस क्यूरी ने बताया कि सांस लेना 30 सिगरेट पीने जैसा है और 5 नवंबर को पराली जलाने की हिस्सेदारी लगभग 14 प्रतिशत थी। कोर्ट ने पराली जलाने पर पूर्ण रोक की जरूरत बताई।
दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का तंज, पराली जलाना बंद करने का निर्देश
Source: Nai Dunia