कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय कोई 'सुपर कॉप' नहीं है और वह केवल संदेह के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू नहीं कर सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि PMLA के तहत कार्रवाई तभी संभव है जब किसी दूसरी एजेंसी ने निर्धारित अपराध पर FIR या औपचारिक शिकायत दर्ज की हो। जस्टिस एमआई अरुण ने कांग्रेस विधायक केवाई नांजे गौड़ा और अन्य के खिलाफ ECIR रद्द कर दी।
ED कोई 'सुपर कॉप' नहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट का अहम फैसला
Source: News18 Hindi