संत कबीर ने चार रामों का उल्लेख किया है, जिनमें तीन व्यवहार के और चौथा सार हैं। दशरथ-पुत्र राम कथा के महान पात्र हैं, पर तुलसीदास उन्हें ब्रह्म और अनादि बताते हैं। लेख में कहा गया है कि राम को केवल देह या विचार तक सीमित करना उनके तत्त्व को छोटा करना है।
कबीर के चार राम: कथा से आगे की खोज
Source: Navbharat Times