सर्वोच्च न्यायालय ने वैवाहिक विवादों के दौरान पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे के नियोक्ता को शिकायत भेजने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि ऐसी शिकायतों के कारण व्यक्ति की नौकरी जा सकती है, जिससे भरण-पोषण के दायित्व प्रभावित होते हैं। न्यायालय ने इसे प्रतिशोध का माध्यम बताते हुए पिछले निर्णयों का हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पति-पत्नी के नियोक्ता को शिकायत भेजने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई
Source: Dainik Tribune Hindi
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