जंतर-मंतर से शुरू हुआ जेन Z आंदोलन, जो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पहुंचा, ने विपक्ष को बेरोजगारी और परीक्षा सुधार जैसे युवा मुद्दों पर सरकार को घेरने का मौका दिया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव की सक्रियता से विपक्षी एकता का संदेश मिला है, लेकिन 2027 के चुनावों में इस आंदोलन की ऊर्जा को वोट में बदलना बड़ी चुनौती है।
जेन Z आंदोलन: विपक्ष के लिए 2027 का हथियार?
Source: Navbharat Times
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