लोकसभा में सोमवार को पेश होने वाले लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 में पेपर लीक और धोखाधड़ी के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव है। व्यक्तिगत अपराध में न्यूनतम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष कारावास तथा 50 लाख रुपये जुर्माना, जबकि संगठित अपराध में न्यूनतम सात वर्ष कारावास और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। हर राज्य में त्वरित अदालतें स्थापित करने और दो महीने में जांच पूरी करने का भी प्रस्ताव है। यह विधेयक हाल ही में नीट पेपर लीक मामले के बाद हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर लाया गया है।
पेपर लीक संशोधन विधेयक: 10 साल कैद, 10 करोड़ जुर्माना
Source: Live Hindustan
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