छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की युवा कलाकार हर्षदीप कौर (रागिनी) फोक फ्यूजन शैली से लोक चित्रकला को नया जीवन दे रही हैं। उन्होंने पारंपरिक चित्रकला में आधुनिक रंग और बॉर्डर जोड़कर इसे समकालीन रूप दिया है। हर्षदीप नियमित रूप से युवाओं को प्रशिक्षण देती हैं और सरकार से सार्वजनिक स्थलों पर छत्तीसगढ़ी लोक कला को प्राथमिकता देने की मांग करती हैं। उनके पिता खेम वैष्णव से प्रेरित होकर उन्होंने 13 साल की उम्र से चित्रकारी शुरू की।
लोक चित्रकला को मॉडर्न टच दे रहीं हर्षदीप
Source: Patrika Hindi
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