सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि भारत में वैध गतिविधियों को अपराध बनाया जा रहा है और विरोध करने वाले छात्रों को बिना जमानत जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने जमानत के दौरान लगाई जाने वाली सख्त शर्तों पर भी सवाल उठाए, जो असहमति की आजादी को सीमित करती हैं। यह टिप्पणी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आई है।
असहमति पर सुप्रीम कोर्ट के जज की चिंता, जमानत शर्तों पर सवाल
Source: BBC Hindi
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