शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के बाद युवाओं के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को इस्तीफा दे दिया। मोदी सरकार के 12 साल में यह पहला मौका है जब किसी मंत्री ने जनता के दबाव में पद छोड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आंदोलन का अभूतपूर्व पैमाना और 2024 में बिना पूर्ण बहुमत वाली सरकार होने के कारण यह कदम उठाया गया। संसद सत्र में परिसीमन विधेयक को पारित कराने की योजना भी प्रभावित हुई।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: युवा आंदोलन का दबाव
Source: BBC Hindi
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