एक नए अध्ययन के अनुसार, पृथ्वी पर कभी 30,000 से 75,000 भाषाएं बोली जाती थीं, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 7,500 रह गई है। येल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर क्लेयर ब्रोवेर्न के नेतृत्व में हुए इस शोध में पाया गया कि खेती और स्थायी बस्तियों के विकास के साथ भाषाओं की संख्या बढ़ी, लेकिन बाद में साम्राज्यों और उपनिवेशवाद के कारण कई भाषाएं लुप्त हो गईं। यह रिपोर्ट साइंस जर्नल में प्रकाशित हुई है।
दुनिया में कभी 75,000 भाषाएं थीं, अब सिर्फ 7,500
Source: DW Hindi
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