कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं। अदालत ने सुमन मोल्ला की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके रिश्तेदार नासिर को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद निरुद्ध केंद्र भेजा गया था, लेकिन वे भारतीय नागरिकता साबित नहीं कर सके।
कलकत्ता हाईकोर्ट: वोटर आईडी, आधार, पैन नागरिकता का प्रमाण नहीं
Source: Prabhat Khabar
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