भूजल प्रवाह में बदलाव से भवनों को खतरा

भूजल प्रवाह में बदलाव से भवनों को खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में भूजल स्तर में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव से भवनों की नींव कमजोर हो रही है। जोशीमठ में भूधंसाव के बाद से भूजल प्रवाह में लगातार परिवर्तन देखा जा रहा है, जो दीर्घकालिक रूप से संरचनाओं की स्थिरता को प्रभावित करता है। यह स्थिति न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय है, क्योंकि पर्वतीय भूजल प्रणालियों का अध्ययन अभी भी सीमित है।

Source: Dainik Tribune Hindi

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