छात्रों के आंदोलन के बाद एक मंत्री ने इस्तीफा दिया, लेकिन बेरोजगारी, फीस और आरक्षण जैसे मुद्दे अनसुलझे हैं। आंदोलनकारी घर लौट गए, पर समस्याएं वहीं की वहीं रह गईं। यह घटना दर्शाती है कि इस्तीफा समाधान नहीं, बल्कि एक प्रतीक मात्र है।
इस्तीफे पर ढोल, मुद्दे बरकरार
Source: Dainik Tribune Hindi
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