आईसीसीटी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क परिवहन प्रदूषण के कारण 2024 में हर छह मिनट में एक व्यक्ति की समयपूर्व मौत हुई और हर 34 मिनट में बच्चों में अस्थमा का नया मामला सामने आया। दिल्ली-एनसीआर पर इसका असमान रूप से अधिक प्रभाव पड़ा है, जहां देश की 5% आबादी रहती है लेकिन सड़क परिवहन से जुड़े अस्थमा के 23% मामले दर्ज हुए। ट्रक और बसें भले ही वाहनों का केवल 5-6% हों, लेकिन नाइट्रोजन ऑक्साइड के 79% और पीएम2.5 के 64% उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में शून्य-उत्सर्जन वाहनों को अपनाने और पुराने वाहनों को हटाने जैसे उपायों से 2050 तक 17 लाख समयपूर्व मौतों को रोकने की संभावना जताई गई है।
सड़क प्रदूषण से हर 6 मिनट में एक मौत, आईसीसीटी रिपोर्ट
Source: Lokmat Hindi
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