सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने मंजूरी दे दी। इसके तहत संगठित अपराधों पर 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। जांच दो महीने में पूरी करने और तीन महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का नियम है। विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे 7.65 करोड़ छात्र लाभान्वित होंगे।
पेपर लीक विधेयक राज्यसभा से पारित, 10 साल कैद-10 करोड़ जुर्माना
Source: IBC24 Hindi
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