देश में प्रतिवर्ष 94 लाख से 1.02 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से केवल 60% का ही पुनर्चक्रण हो पाता है। शेष कचरा पर्यावरण, जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। 2022 में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद घटिया प्लास्टिक का उपयोग जारी है। विशेषज्ञ जैव-अपघटनीय विकल्पों और तीन आर सिद्धांत पर जोर दे रहे हैं।
प्लास्टिक कचरे का बढ़ता संकट: निपटान चुनौती
Source: Dainik Tribune Hindi
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