एआई: आपदा नहीं, अवसर बनकर खोल रहा सपनों के द्वार

एआई: आपदा नहीं, अवसर बनकर खोल रहा सपनों के द्वार

एआई अब बाधाओं को कम करते हुए आम लोगों को रचनात्मकता का नया मंच दे रहा है। प्रोग्रामिंग, प्रकाशक या स्टूडियो की आवश्यकता के बिना लोग संगीत, लेखन, ऐप, बिजनेस और शोध जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 55-65 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं तक एआई सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे उपभोक्ता निर्माता बन रहे हैं।

Source: Patrika Hindi

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