सावन माह की शुरुआत के साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। हरिद्वार, सुल्तानगंज-देवघर और गंगोत्री से निकलने वाली यह यात्रा शिव भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन से निकले विष की ज्वाला शांत करने के लिए देवताओं ने शिव पर गंगाजल चढ़ाया था, तभी से यह परंपरा शुरू हुई। यह यात्रा सामाजिक एकता और सेवा भावना को भी बल देती है।
कांवड़ यात्रा: आस्था, विज्ञान और शिव-गंगा का अटूट संबंध
Source: News18 Hindi
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