केंद्र सरकार ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क लगाने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल कोई शुल्क लागू नहीं है। चर्चा के अनुसार, 0.3 से 0.5 प्रतिशत शुल्क केवल 1.5 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों पर लग सकता है। इससे डिजिटल भुगतान उद्योग को सालाना 5,000 से 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
UPI के बड़े लेनदेन पर लग सकता है मर्चेंट शुल्क
Source: Punjab Kesari
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