वैश्विक प्रवासन संकट: नीतिगत विफलता या मानवीय परीक्षा?

वैश्विक प्रवासन संकट: नीतिगत विफलता या मानवीय परीक्षा?

स्पेन के सेउटा में 60 हजार से अधिक अनधिकृत प्रवासियों के प्रवेश ने यूरोप को चौंका दिया, जिससे वैश्विक प्रवासन संकट पर बहस छिड़ गई है। विश्व बैंक के अनुसार, दुनिया भर में 18.4 करोड़ लोग अपने मूल देश से बाहर रह रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देकर प्रवासन को नियंत्रित किया जा सकता है, हालांकि जलवायु परिवर्तन भविष्य में बड़े पैमाने पर विस्थापन का कारण बन सकता है।

Source: Lokmat Hindi

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