विपक्षी नेता जंतर-मंतर पर छात्र विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रहे, लेकिन केरलम और रांची के युवा आंदोलनों पर चुप हैं। केरलम में 34 दिनों से बेरोजगार युवा सचिवालय के बाहर घास-मिट्टी खाकर विरोध कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन निजी कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। सवाल उठता है कि क्या विपक्ष की प्राथमिकताएं स्थान के आधार पर तय होती हैं।
केरलम-रांची पर विपक्ष का सन्नाटा, युवाओं का भविष्य लोकेशन देखकर तय?
Source: Zee News Hindi