बेटी के चेस सपने के लिए पिता ने छोड़ी विदेशी नौकरी

बेटी के चेस सपने के लिए पिता ने छोड़ी विदेशी नौकरी

चेन्नई की सविता श्री भास्कर शतरंज ओलंपियाड में भारतीय महिला टीम की सबसे युवा सदस्य बनी हैं। उनके पिता भास्कर कृष्णन ने बेटी के करियर के लिए सिंगापुर की नौकरी छोड़ दी। परिवार ने आर्थिक तंगी के बीच गहने गिरवी रखे और स्कूल ने तीन लाख रुपये जुटाए। सविता ने वर्ल्ड रैपिड चेस में कांस्य पदक जीता।

Source: Patrika Hindi

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