बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर को बिहार में सवर्ण समाज का संभावित नेता माना जा रहा है। 1990 के बाद से राज्य में कोई सवर्ण मुख्यमंत्री नहीं बना है, और पिछड़े वर्ग का दबदबा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि पीके का उभार सवर्ण राजनीति के पुनरुत्थान का संकेत हो सकता है, हालांकि उनकी आबादी मात्र 15.5% है।
प्रशांत किशोर: बिहार में सवर्णों के नए नायक?
Source: News18 Hindi