रूस ने भारत के साथ सीधे थल-आधारित रेल मार्ग का प्रस्ताव दिया है, जो स्वेज नहर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट्स को बाइपास करेगा। इससे मॉस्को से मुंबई तक माल ढुलाई का समय और लागत आधी होने की उम्मीद है। दोनों देशों का 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
भारत-रूस रेल कॉरिडोर: स्वेज नहर पर निर्भरता होगी खत्म
Source: Hari Bhoomi