एनसीएईआर की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में शराबबंदी से न तो शराब पीने वाले कम हुए और न ही महिलाओं के प्रति अपराध घटे, बल्कि अवैध शराब और तस्करी बढ़ी। सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ और निगरानी पर खर्च बढ़ा। रिपोर्ट में आबकारी टैक्स बहाल करने की सिफारिश की गई है।
बिहार में शराबबंदी: लक्ष्य विफल, राजस्व को भारी नुकसान
Source: DW Hindi