विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की शिक्षा और आर्थिक नीतियां युवाओं को भविष्य के लिए तैयार नहीं कर पा रही हैं, जिससे जेन-ज़ी में बेरोजगारी और असंतोष बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 100 करोड़ कामकाजी उम्र के लोगों में से केवल 67 करोड़ के पास रोजगार है। ग्रेजुएट्स में बेरोजगारी दर 40% तक पहुंच गई है, जो 'जॉबलेस ग्रोथ' की ओर इशारा करती है।
भारत का जेन-ज़ी: बेरोजगारी और टूटते सपनों की कहानी
Source: BBC Hindi