पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान मिलने वाला करीब दो मिनट का समय वैज्ञानिकों के लिए बेहद कीमती होता है, क्योंकि इस दौरान सूर्य का कोरोना साफ दिखता है और उसका अध्ययन संभव होता है। NASA के अनुसार, यह सूर्य और पृथ्वी के संबंध तथा अंतरिक्ष मौसम को समझने का अनोखा अवसर देता है। 12 अगस्त को हुए इस ग्रहण का पूर्णता मार्ग उत्तरी रूस से स्पेन तक रहा, जबकि भारत में यह दिखाई नहीं दिया।
सूर्य ग्रहण के 2 मिनट वैज्ञानिकों के लिए 'गोल्डन टाइम' क्यों?
Source: Zee News Hindi