नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में स्वीकार किया कि 1816 की सुगौली संधि और 1950 की भारत-नेपाल शांति संधि के मूल दस्तावेज सरकार के पास नहीं हैं। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब प्रधानमंत्री बालेन शाह लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा पर दावा ठोक रहे थे। भारत ने इसे द्विपक्षीय मामला बताते हुए तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज कर दिया है।
सुगौली संधि के मूल दस्तावेज गायब, नेपाल सरकार की फजीहत
Source: News18 Hindi