देशभर में हर साल बारिश से शहरों का जलमग्न होना आम बात हो गई है, जो खराब बुनियादी ढांचे और अनियोजित शहरीकरण को दर्शाता है। उच्चतम न्यायालय ने आवासीय इलाकों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर रोक की बात कही है। सरकार ने शहरी विकास के लिए 96,777 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, लेकिन समस्याएं बरकरार हैं।
दोषपूर्ण शहरीकरण से बढ़ी बारिश की आफत
Source: Lokmat Hindi