आमिर खान और राज कुमार संतोषी की फिल्म 'बंटवारा 1947' विभाजन की त्रासदी को उजागर करती है, जिसमें महिलाओं को सबसे अधिक पीड़ा झेलनी पड़ी। फिल्म असगर वजाहत के नाटक 'जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याई नइ' पर आधारित है, जिसमें शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। युवा पीढ़ी इन कहानियों को जानने की जरूरत महसूस करती है, क्योंकि यह आघात पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है।
बंटवारा 1947: विभाजन का दर्द, महिलाओं की कहानियां
Source: BBC Hindi