राजस्थान पुलिस ने 26 साल पुराने वारंट पर लखनऊ के सिपाही अखिलेश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, क्योंकि उनका नाम एक मृत आरोपी से मिलता था। पहचान में अंतर के बावजूद उन्हें 166 दिन हिरासत में रखा गया। हाईकोर्ट ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए और रिहाई का आदेश दिया।
नाम मिलने पर निर्दोष सिपाही को 166 दिन जेल, असली आरोपी मर चुका था
Source: Zee News Hindi