आजादी के 50 साल बाद तक आम नागरिकों को रोजाना तिरंगा फहराने की इजाजत नहीं थी। उद्योगपति नवीन जिंदल की कानूनी लड़ाई के बाद 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट ने सम्मानपूर्वक ध्वज फहराने को अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया।
तिरंगा फहराना मौलिक अधिकार कैसे बना
Source: Hari Bhoomi