कनकलता बरुआ: 17 साल में तिरंगे के लिए शहादत

कनकलता बरुआ: 17 साल में तिरंगे के लिए शहादत

असम की कनकलता बरुआ ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गोहपुर थाने पर तिरंगा फहराते समय अंग्रेजों की गोली खाकर शहादत दी। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्हें 'असम की लक्ष्मीबाई' कहा जाता है।

Source: TV9 Bharatvarsh

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