भारत अपनी हवाई सुरक्षा के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। DRDO का प्रोजेक्ट कुशा तीन अलग-अलग रेंज की स्वदेशी इंटरसेप्टर मिसाइलें विकसित कर रहा है, जो दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से निपटने में सक्षम होंगी। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, पांच स्क्वाड्रन के लिए कुशा की लागत रूस के S-400 सौदे से आधी से भी कम हो सकती है।
प्रोजेक्ट कुशा: DRDO का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम, S-400 से आधी लागत
Source: News18 Hindi